निकारागुआ सरकार ने मध्य अमेरिकी संसद, जिसे पार्लासेन के नाम से जाना जाता है, से हटने का फैसला किया है। यह निर्णय निकारागुआ के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के माध्यम से सूचित किया गया था। सरकार ने पार्लासेन की स्थापना संधि को रद्द कर दिया है। यह कदम ऑर्गनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स (OAS) की आलोचनाओं के बीच आया है। निकारागुआ ने अतीत में पार्लासेन की कार्यों और निर्णयों पर अपनी असहमति व्यक्त की है। इस हटने से क्षेत्रीय एकीकरण और सहयोग पर असर पड़ सकता है। पार्लासेन मध्य अमेरिकी देशों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच रहा है।