एक नए अध्ययन के अनुसार, नेशनल फुटबॉल लीग (एनएफएल) के कम से कम २५ प्रतिशत खिलाड़ी मस्तिष्क संबंधी बीमारियों का विकास कर सकते हैं। क्रोनिक ट्राउमेटिक एन्सेफैलोपैथी (सीटीई) की पुष्टि केवल मृत्यु के बाद मस्तिष्क की जांच से ही की जा सकती है, इसलिए एनएफएल खिलाड़ियों में इसकी वास्तविक व्यापकता अभी भी अज्ञात है। यह अध्ययन खिलाड़ियों में मस्तिष्क स्वास्थ्य जोखिमों पर प्रकाश डालता है। खेल के दौरान सिर पर लगने वाली चोटों और मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के बीच संबंध की जांच जारी है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह आंकड़ा और अधिक हो सकता है, क्योंकि सीटीई का निदान केवल मृत्यु के बाद ही किया जा सकता है। एनएफएल और अन्य खेल संगठनों को खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की आवश्यकता है। इस खोज से खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और खेल के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ हो सकते हैं।