न्यूज़ीलैंड सांख्यिकी विभाग (Stats NZ) द्वारा आधिकारिक सर्वेक्षणों में भाग लेने से इनकार करने वालों पर 100 डॉलर का जुर्माना लगाने की योजना पर विशेषज्ञों ने चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि यह कदम कम आय वाले परिवारों को असमान रूप से प्रभावित करेगा, क्योंकि उनके लिए जुर्माना भरना मुश्किल हो सकता है। आलोचकों का यह भी तर्क है कि जुर्माने से लोग सर्वेक्षणों में झूठी जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जिससे डेटा की गुणवत्ता खराब हो जाएगी। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि यह डेटा की विश्वसनीयता को खतरे में डाल सकता है, जो सरकारी नीतियों और संसाधनों के आवंटन के लिए महत्वपूर्ण है। कुछ विशेषज्ञों का सुझाव है कि प्रोत्साहन और जागरूकता बढ़ाने जैसे वैकल्पिक तरीकों पर ध्यान केंद्रित करना बेहतर होगा। इस योजना से डेटा संग्रह की प्रक्रिया में संभावित भ्रष्टाचार और विकृति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुल मिलाकर, यह प्रस्तावित जुर्माना नीति डेटा सटीकता और सामाजिक न्याय के बीच एक जटिल संतुलन प्रस्तुत करती है।