न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच अक्सर व्हाइट-बॉल क्रिकेट मैच होते रहते हैं, लेकिन न्यूज़ीलैंड महिला टेस्ट क्रिकेट खेलने से इनकार करता है। दिलचस्प बात यह है कि 1930 के दशक में न्यूज़ीलैंड उन पहले तीन देशों में से एक था जिन्होंने महिला टेस्ट क्रिकेट खेला था। इस फैसले के पीछे के कारणों पर अब सवाल उठ रहे हैं। क्रिकेट जगत में यह बहस छिड़ गई है कि न्यूज़ीलैंड को महिला टेस्ट क्रिकेट को फिर से क्यों नहीं अपनाना चाहिए। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे महिला क्रिकेट के विकास में बाधा आ रही है। यह स्थिति ऑस्ट्रेलिया के विपरीत है, जो महिला टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा दे रहा है। इस मुद्दे पर आगे चर्चा होने की संभावना है।