न्यूज़रूम के अनुसार, गठबंधन सरकार ने अपनी तेज़ी से कानून बनाने की प्रक्रिया में जोखिमों को ज़्यादा महत्व नहीं दिया है। हाल ही में हुई एक कल्याणकारी योजना में गड़बड़ी इस जल्दबाजी का वास्तविक परिणाम दर्शाती है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि बिना सोचे-समझे कानून बनाने से आम नागरिकों को नुकसान पहुँच सकता है। सरकार को अब इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए और भविष्य में कानूनों को बनाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। यह ज़रूरी है कि सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं को लागू करने से पहले उनका ठीक से मूल्यांकन करे। इस तरह की गलतियाँ जनता के विश्वास को कमज़ोर कर सकती हैं और शासन व्यवस्था में अविश्वास पैदा कर सकती हैं। सरकार को जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।