न्यूज़रूम के अनुसार, न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री लक्सॉन ने कहा है कि यदि वह दोबारा सत्ता में आते हैं तो एमएमपी (मिश्रित सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व) प्रणाली पर एक जनमत संग्रह कराने पर विचार करेंगे। उन्होंने इसे ‘विचार करने योग्य’ बताया है और अगले वर्ष जनमत संग्रह कराने की इच्छा व्यक्त की है। यह घोषणा न्यूज़ीलैंड की चुनावी प्रणाली में संभावित बदलाव की ओर इशारा करती है। लक्सॉन का यह कदम वर्तमान प्रतिनिधित्व प्रणाली की समीक्षा और सुधार के लिए उठाया जा सकता है। इस जनमत संग्रह का परिणाम न्यूज़ीलैंड की राजनीतिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इस प्रस्तावित बदलाव को कैसे स्वीकार करती है। लक्सॉन ने अभी तक जनमत संग्रह की विशिष्ट शर्तों या प्रश्नों का खुलासा नहीं किया है।

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