क्रिस्टीन फ़र्नहॉग, एक समाजसेवी और लेखिका, विक्टोरिया कार्टर से अपनी विफलताओं और उनसे मिले सबक पर बात करती हैं। उन्होंने ‘बुक्स इन होम्स’ की सह-स्थापना की और कई पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें ‘द एल्बिनो कीवी एंड अदर रेरिटीज’ भी शामिल है। फ़र्नहॉग को सबसे ज़्यादा निराशा तब हुई जब शिक्षा मंत्रालय ने उनकी प्रतिभाशाली बच्चों के लिए जूनियर हाई स्कूल (वर्ष 7-10) खोलने की अर्ज़ी नामंजूर कर दी। इस अस्वीकृति ने उन्हें महत्वपूर्ण सबक सिखाया, हालांकि उन्होंने विशेष रूप से इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि वो क्या थे। फ़र्नहॉग का जीवन समाज सेवा और लेखन के प्रति समर्पित रहा है। उनकी पुस्तकें और पहल शिक्षा और साहित्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हैं। यह बातचीत हमें याद दिलाती है कि असफलता भी सीखने और आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।