न्यूज़रूम की रिपोर्ट के अनुसार, लक्सॉन और हिप्किंस के बीच नवीनतम चुनावी बहस में दोनों नेताओं के कुछ अच्छे क्षण थे, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि कोई भी नेता चुनाव को निर्णायक रूप से आगे बढ़ाने में सक्षम नहीं है। दोनों ही नेता अपनी बात रखने में सफल रहे, लेकिन किसी ने भी ऐसा प्रदर्शन नहीं किया जिससे वे मतदाताओं को प्रभावित कर सकें। इस बहस के बाद भी, न्यूजीलैंड में चुनावी मुकाबला जारी है और कोई भी स्पष्ट विजेता नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति चुनावी नतीजे को अनिश्चित बना रही है। इस बहस का मुख्य मुद्दा न्यूजीलैंड की नीतियों और आगामी चुनाव में मतदाताओं की पसंद पर केंद्रित था। फिलहाल, लक्सॉन और हिप्किंस दोनों ही मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए अपनी रणनीति जारी रखेंगे।