विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान पर संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए नए आर्थिक प्रतिबंधों से ईरानी सरकार अमेरिकी मांगों को मानने के लिए मजबूर होने की संभावना नहीं है। यह कदम एक आर्थिक दबाव बढ़ाने का प्रयास है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि इसका वांछित प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनका कहना है कि ईरान की सरकार अपनी नीतियों पर अडिग रहेगी। प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान को बातचीत की मेज पर लाना है, लेकिन विशेषज्ञों का तर्क है कि यह रणनीति विफल हो सकती है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ईरान के प्रति हताशा और सख्त रवैये को दर्शाता है। यह देखना बाकी है कि ईरान इस नए दबाव का जवाब कैसे देता है।