एंडी बर्नहैम ने सोमवार को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। उनसे उम्मीद की जा रही है कि वह ब्रिटिश वामपंथी राजनीति को ऐतिहासिक निम्न स्तर से ऊपर उठाएंगे। बर्नहैम को मतदाताओं को यह विश्वास दिलाना होगा कि वह वास्तव में "जनता के व्यक्ति" हैं, जैसा कि उन्होंने दावा किया है। फिलहाल उनकी ठोस योजनाओं के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, इसलिए उन्हें जल्द ही परिणाम दिखाने होंगे। उन पर धैर्य रखने का दबाव होगा, और डोनाल्ड ट्रम्प जैसे नेता उनकी नीतियों को तुरंत चुनौती दे सकते हैं। बर्नहैम की सफलता उनकी राजनीतिक विचारधारा से ज्यादा उनके व्यक्तित्व पर निर्भर करेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह दस वर्षों के लिए निर्धारित अपने लक्ष्यों को कैसे प्राप्त करते हैं और चालीस वर्षों में न देखे गए बदलाव लाने का वादा कैसे पूरा करते हैं।