ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम की चर्चा उनके विदेश नीति कौशल की कमी को लेकर हो रही है। गाजा और यूक्रेन जैसे गंभीर वैश्विक मुद्दों पर उनकी विशेषज्ञता अब तक नजर नहीं आई है। ऐसा लगता है कि वह अंतरराष्ट्रीय मामलों की जिम्मेदारी अनुभवी मंत्री एड मिलबैंड को सौंपना चाहते हैं। प्रधानमंत्री का यह दृष्टिकोण विदेश नीति को एक तरह से आउटसोर्स करने जैसा है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रणनीति व्यावहारिक नहीं होगी। दुनिया के जटिल समीकरणों को केवल एक मंत्री के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। अंततः, प्रधानमंत्री को स्वयं वैश्विक राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।