केंद्र सरकार ने हाल ही में एक नया कर लगाया है जो सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सेमिनार और कार्यशालाओं में मिलने वाले भत्तों और मानदेय पर लागू होगा। इस नए नियम के अनुसार, किसी भी तरह के सेमिनार या कार्यशाला में भाग लेने के लिए मिलने वाली फीस से 20 प्रतिशत कर स्रोत पर ही काटा जाएगा। यह कर सरकारी और निजी दोनों तरह के संस्थानों में लागू होगा। सरकार का यह कदम राजस्व बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सेमिनार और कार्यशालाओं की लागत बढ़ सकती है। इस फैसले से कर्मचारियों की शुद्ध आय पर भी असर पड़ेगा। यह कर तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
