मई महीने में विदेशी ऑनलाइन खरीदारी में गिरावट दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण 'टेमू टैक्स' लागू होना बताया जा रहा है। यह कर, जिसका उद्देश्य चीनी प्लेटफॉर्म टेमू से आने वाली वस्तुओं की खरीद को हतोत्साहित करना था, 22% की दर से लगाया गया है। मई, इस कर के लागू होने वाला पहला महीना था। आंकड़ों से पता चलता है कि इस कर के कारण उपभोक्ताओं ने विदेशी वेबसाइटों से खरीदारी करने में रुचि कम दिखाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कर का असर आने वाले महीनों में और भी स्पष्ट हो सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या उपभोक्ता इस कर के बाद भी विदेशी उत्पादों की खरीदारी जारी रखते हैं या नहीं। सरकार का लक्ष्य घरेलू व्यवसायों को बढ़ावा देना और विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों पर कर लगाना है।