अभियोजन कार्यालय ने निजी क्षेत्र से जुड़े ग्लोरी हरिमास सिहोमबिंग (जीएचएस) को मुफ्त पौष्टिक भोजन कार्यक्रम (एमबीजी) में कथित भ्रष्टाचार के मामले में नया संदिग्ध घोषित किया है। यह मामला एक बड़े भ्रष्टाचार घोटाले से जुड़ा है जिसमें सरकारी धन का दुरुपयोग शामिल है। जीएचएस पर इस योजना के कार्यान्वयन में अनियमितताओं में शामिल होने का आरोप है। अभियोजन कार्यालय ने जीएचएस को हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच जारी है। इस मामले में पहले से ही कई लोगों को संदिग्ध घोषित किया जा चुका है। यह कदम भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को दर्शाता है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रयासों का हिस्सा है। जांच में सहयोग न करने पर जीएचएस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
