पोलैंड के राजनीतिक परिदृश्य में एक नया दक्षिणपंथी समूह, 'रुच बियावो-क्ज़र्वोनी' (Biało-Czerwoni Movement) उभरा है। इस समूह की स्थापना यूरोपीय संसद सदस्य, एवा ज़ायाचकोव्स्का-हेर्निक ने की है। उन्होंने संसद में घोषणा करते हुए बताया कि यह उन लोगों के लिए एक मंच है जो विचारधारा पर आधारित हैं और कार्रवाई के लिए तत्पर हैं। ज़ायाचकोव्स्का-हेर्निक के अनुसार, यह पहल उन लोगों के लिए है जो 'पुराने तरीकों' से निराश हैं। यह समूह पोलैंड की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है, खासकर दक्षिणपंथी विचारधारा वाले मतदाताओं को आकर्षित करने की क्षमता रखता है। फिलहाल, समूह के उद्देश्यों और नीतियों के बारे में अधिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इसकी स्थापना से राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित हुआ है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह समूह भविष्य में पोलैंड की राजनीति में क्या भूमिका निभाता है।