स्वास्थ्य मंत्रालय ने घर पर स्वास्थ्य सेवा और उपशामक देखभाल सेवाओं के लिए नए नियमों को लागू किया है। इन नियमों के तहत, अब रोगियों को घर पर ही चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे अस्पताल जाने की आवश्यकता कम होगी। उपशामक देखभाल उन रोगियों के लिए है जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और जिनका इलाज संभव नहीं है, जिससे उन्हें दर्द और अन्य लक्षणों से राहत मिल सके। नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कौन सी सुविधाएँ किसके लिए उपलब्ध होंगी और कैसे प्राप्त की जा सकती हैं। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और रोगी-केंद्रित बनाना है। यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो दूरदराज के क्षेत्रों में रहते हैं या जिनकी गतिशीलता सीमित है। इन सेवाओं से स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव कम होने की भी उम्मीद है।
