आनंद गांधी और ज़ैन मेमन ने मिलकर ‘माया’ नामक एक परियोजना शुरू की है, जिसमें दक्षिण एशियाई पौराणिक कथाओं के पात्रों को आधुनिक विज्ञान के दृष्टिकोण से फिर से परिभाषित किया गया है। यह परियोजना विकासवादी विज्ञान के माध्यम से इन पात्रों को नए सिरे से प्रस्तुत करती है। उनका मानना है कि नई पौराणिक कथाएं हमें अनिश्चित भविष्य को समझने में मदद कर सकती हैं। 'माया' पारंपरिक कहानियों को वैज्ञानिक सिद्धांतों के साथ जोड़कर एक अनूठा दृष्टिकोण प्रदान करती है। यह कार्य वर्तमान समय में प्रासंगिक और आकर्षक कथाओं की आवश्यकता पर जोर देता है। गांधी और मेमन का उद्देश्य एक ऐसी दुनिया में अर्थ और उद्देश्य खोजना है जो तेजी से बदल रही है। यह परियोजना पौराणिक कथाओं की शक्ति को आधुनिक संदर्भ में तलाशती है।