स्वीडन में, अल्फ स्वेनफेल्ट को तीसरी बार में फेफड़ों का प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक हुआ, पहले उन्हें प्रत्यारोपण सूची से हटा दिया गया था। स्टाइना तुपेली को भी अंतिम समय में फेफड़े प्राप्त हुए। दोनों मरीजों ने प्रत्यारोपण के बाद जीवन में नई ऊर्जा महसूस की है। स्टाइना ने बताया कि सांस लेने की क्षमता वापस पाना अद्भुत और आनंददायक है। यह प्रत्यारोपण दोनों के लिए जीवन रक्षक साबित हुआ है। डॉक्टरों ने इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह मामला प्रत्यारोपण की उम्मीद और चिकित्सा विज्ञान की प्रगति का प्रतीक है।