अबेलार्डो ने व्यवस्था और समृद्धि का वादा किया है, लेकिन उनकी सफलता उन लोगों पर निर्भर करती है जिनसे उन्होंने सहयोग न करने की कसम खाई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शासन चलाने के लिए अबेलार्डो को समझौता करने की आवश्यकता होगी। यह स्थिति उनके पूर्व वादों के विपरीत है, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं। 'ला सिल्ला वाकिया' के अनुसार, अबेलार्डो के लिए यह एक कठिन चुनौती है क्योंकि उन्हें अपनी विचारधारा और व्यावहारिक राजनीति के बीच संतुलन बनाना होगा। यदि वे समझौता करने में विफल रहते हैं, तो उनका शासन अस्थिर हो सकता है। यह घटना राजनीतिक गतिरोध और संभावित गठबंधन की संभावना को दर्शाती है। अबेलार्डो को यह तय करना होगा कि वे अपने सिद्धांतों पर टिके रहें या शासन चलाने के लिए आवश्यक सहयोग प्राप्त करें।