आगामी 16 जून 2026 को मुहर्रम का पहला दिन होगा, जो इस्लामी नव वर्ष की शुरुआत करेगा। इस वर्ष को 1445 हिजरी के रूप में मनाया जाएगा। शुक्रवार की नमाज़ का खुत्बा (धार्मिक उपदेश) इस अवसर पर नए हिजरी वर्ष के महत्व और इससे जुड़ी शिक्षाओं पर केंद्रित था। उपदेश में नए वर्ष के आगमन के साथ आत्म-चिंतन और बेहतर भविष्य के संकल्प लेने पर जोर दिया गया। यह अवसर मुसलमानों को अपने अतीत से सीखने और अल्लाह के प्रति अधिक समर्पित होने का आह्वान करता है। हिजरी वर्ष का आरंभ पैगंबर मुहम्मद के मक्का से मदीना प्रवास से जुड़ा है, जो इस्लामी इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है। यह दिन मुसलमानों के लिए नवीनीकरण और आध्यात्मिक विकास का प्रतीक है।