हाल ही में 150 यूरो से कम मूल्य की छोटी खेपों पर 3 यूरो का शुल्क लगाने से शीन, टेमू और अलीएक्सप्रेस जैसे प्लेटफार्मों से हो रहे आयात में भारी गिरावट आई है। आयात में 40% तक की कमी दर्ज की गई है। इस नए शुल्क के कारण ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है। इन प्लेटफार्मों पर अब लागत कम करने के तरीके तलाशे जा रहे हैं ताकि ग्राहकों को आकर्षित किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस शुल्क का उद्देश्य यूरोपीय संघ के भीतर व्यवसायों को बढ़ावा देना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि ये कंपनियां इस नई परिस्थिति के अनुकूल कैसे होती हैं और उपभोक्ताओं पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है। इस बदलाव से ऑनलाइन खुदरा बाजार में प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文