क्वींसलैंड की समस्याग्रस्त डीएनए प्रयोगशाला में नई कमज़ोरियाँ सामने आई हैं। हाल ही में, प्रयोगशाला द्वारा पुलिस को दी गई रिपोर्टों में टाइपोग्राफ़िकल त्रुटियाँ पाई गईं, जिनमें गलत तारीख या केस नंबर शामिल थे। यह गलती जून में एक वैज्ञानिक के गवाही देते समय सनसनीखेज ढंग से उजागर हुई थी। इन त्रुटियों से पुलिस की जाँच प्रभावित हो सकती है और अदालती मामलों में जटिलताएँ आ सकती हैं। अधिकारियों ने त्रुटियों की जाँच के आदेश दिए हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं कि भविष्य में ऐसी गलतियाँ न हों। इस मामले ने फोरेंसिक विज्ञान की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए व्यापक समीक्षा की जा रही है।