नीदरलैंड में नए शरण कानून के तहत, अंतर्राष्ट्रीय श्रमिकों, छात्रों और पारिवारिक प्रवासियों को अब आव्रजन सेवा IND के चूकने पर मिलने वाले हर्जाने का अधिकार नहीं रहेगा। यह बदलाव उन लोगों को प्रभावित करेगा जो नीदरलैंड में वैध रूप से रहने और काम करने की अनुमति के लिए आवेदन कर रहे हैं। पहले, यदि IND समय पर निर्णय लेने में विफल रहता था, तो आवेदकों को वित्तीय मुआवजा मिलता था। अब, यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया है, जिससे प्रक्रिया में देरी होने पर आवेदकों के लिए कोई वित्तीय सुरक्षा नहीं रहेगी। सरकार का तर्क है कि यह कदम IND पर अनावश्यक दबाव को कम करेगा और प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करेगा। आलोचकों का कहना है कि यह निर्णय आवेदकों के अधिकारों का उल्लंघन है और IND को जवाबदेह ठहराने के लिए कम प्रोत्साहन प्रदान करता है। इस कानून के लागू होने से नीदरलैंड में आप्रवासन प्रक्रिया और अधिक जटिल हो सकती है।