एक महिला ने नई कार खरीदने के बाद पाया कि उस पर पहले से ही पेंटिंग की गई थी और उसमें कुछ मरम्मत की गई थी। उसने एजेंसी के खिलाफ अदालत में मामला दायर किया और हर्जाने के रूप में बड़ी राशि की मांग की। हालांकि, अदालत ने एक अजीबोगरीब कारण से उसकी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने पाया कि महिला ने कार खरीदने से पहले निरीक्षण नहीं किया था, जिससे उसकी शिकायत कमजोर पड़ गई। इस फैसले से यह सवाल उठता है कि क्या ग्राहकों को नई कार खरीदने से पहले सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए। यह मामला उपभोक्ता अधिकारों और विक्रेताओं की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालता है। अदालत का निर्णय ग्राहकों को सतर्क रहने और खरीद से पहले वाहनों की अच्छी तरह से जांच करने की सलाह देता है।