सरकार ने विद्युत बाजार में कमियों को दूर करने के उद्देश्य से एक विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस नए विधेयक में बिजली बाजार में अनियमितता करने वालों पर लगने वाले जुर्माने को बढ़ाया गया है, जो अब अधिकतम 20 मिलियन डॉलर तक हो सकता है। नियामक प्राधिकरण की निगरानी को भी मजबूत किया जाएगा ताकि बाजार में उचित प्रतिस्पर्धा बनी रहे। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए भी विधेयक में विशेष प्रावधान किए गए हैं। यह कदम ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। सरकार का मानना है कि इससे बिजली की आपूर्ति और वितरण में भी सुधार होगा। यह विधेयक अब संसद में पेश किया जाएगा।