सरकार ने २०३० तक विशाल मतदान पर्चियों को समाप्त करने की योजना बनाई है। वर्तमान में उपयोग की जा रही बड़ी पर्चियों को समझना मतदाताओं के लिए मुश्किल होता है, इसलिए इन्हें आसान और छोटे प्रारूप में बदलने का विचार है। यह बदलाव चुनावी प्रक्रिया को सरल बनाने और मतदाताओं की भागीदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि छोटे पर्चियां मतदाताओं को सही विकल्प चुनने में मदद करेंगी और भ्रम की स्थिति को कम करेंगी। इस योजना के क्रियान्वयन से चुनावों की पारदर्शिता और दक्षता में सुधार होगा। सरकार इस बदलाव को लेकर सभी हितधारकों के साथ विचार-विमर्श कर रही है ताकि एक सहज परिवर्तन सुनिश्चित किया जा सके।