नीदरलैंड में शरणार्थी संकट को हल करने के लिए एक नए विचार पर बहस छिड़ गई है। टिप्पणीकार ऐनीमेरी वैन गाल का तर्क है कि नीदरलैंड पर शरणार्थियों की संख्या को लेकर गलत धारणाएं बनाई जा रही हैं। उनका प्रस्ताव है कि यूरोपीय देशों में शरणार्थियों का वितरण उनकी भूमि की उपलब्धता के आधार पर किया जाना चाहिए। वैन गाल का मानना है कि इस दृष्टिकोण से नीदरलैंड को दस वर्षों तक नए शरणार्थियों को स्वीकार करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह विचार 'न्यूज़ वैन डे दाग' कार्यक्रम में प्रस्तुत किया गया था और इसने महत्वपूर्ण चर्चा उत्पन्न कर दी है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य शरणार्थी बोझ को अधिक समान रूप से वितरित करना है, बजाय इसके कि कुछ देशों पर अधिक दबाव पड़े।