नीदरलैंड में पहली बार 12 वर्ष से कम उम्र के एक गंभीर रूप से बीमार बच्चे को इच्छामृत्यु दी गई है। फरवरी 2024 में सरकार द्वारा कानून में संशोधन के बाद यह पहला मामला सामने आया है। इस संशोधन के तहत, 1 से 12 वर्ष की आयु के उन बच्चों को इच्छामृत्यु की अनुमति दी गई है जो लाइलाज बीमारियों से पीड़ित हैं और असहनीय दर्द से जूझ रहे हैं। 'ले फिगारो' की रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय बच्चे की पीड़ा को समाप्त करने के लिए लिया गया था। यह मामला नीदरलैंड में इच्छामृत्यु से संबंधित कानूनों और नैतिक बहस को फिर से उजागर करता है। सरकार ने इस प्रक्रिया को सख्त नियमों और निगरानी के तहत रखने की बात कही है। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
