इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू के सत्ता पर बने रहने की संभावनाएँ पहले से ही कमजोर थीं, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते ने उनकी चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान और लेबनान में युद्ध समाप्त करने का निर्णय लिया है, जो इजराइल के लक्ष्यों से पहले ही हो गया है। मार्च में नेतान्याहू का यह दावा कि "हम मध्य पूर्व का चेहरा बदल रहे हैं," अब खोखला लगने लगा है। आगामी शरद ऋतु में होने वाले चुनाव में इस समझौते का नेतान्याहू पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता नेतान्याहू के लिए एक बड़ी राजनीतिक बाधा है। इस समझौते के कारण इजराइल की सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं। नेतान्याहू अब मतदाताओं के गुस्से का सामना करने के लिए तैयार रहें।