इजराइल के नियंत्रक (State Comptroller) के चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू के प्रयासों पर सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का मानना है कि माइकल राबेलो, जो नेतनयाहू के लंबे समय से वकील और सलाहकार रहे हैं, अपनी ऑडिटिंग में राजनीतिक दृष्टिकोण अपना सकते हैं। इस नियुक्ति से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच पर संदेह पैदा हो गया है। नेतनयाहू ने इस पद के लिए राबेलो के चुनाव के लिए कड़ी मेहनत की, जिससे उनकी मंशा पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियंत्रक का पद सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। राबेलो की नियुक्ति पर राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा भी कड़ी नजर रखी जा रही है, जो संभावित प्रभावों का आकलन कर रहे हैं। इस मामले ने इजराइल की राजनीति में बहस छेड़ दी है।
