क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, इजरायली अधिकारियों द्वारा लगातार दिए जा रहे बयान राजनीतिक और सैन्य विफलता तथा आंतरिक तनाव को दर्शाते हैं। लेबनान के अल-मायादीन न्यूज़ नेटवर्क को दिए गए जानकारी के अनुसार, नेतन्याहू को आखिरकार युद्धविराम स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इसके साथ ही, इजराइल अपनी सेना को वापस बुलाने की तैयारी कर रहा है। यह कदम इजराइल के भीतर बढ़ती आलोचना और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच उठाया गया है। सूत्रों का कहना है कि इजराइल की सैन्य रणनीति अपेक्षा के अनुरूप सफल नहीं रही है, जिसके कारण यह निर्णय लिया गया है। इस स्थिति से इजराइल की राजनीतिक स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल, सेना वापसी की विस्तृत योजना पर काम किया जा रहा है।
