इजरायली अधिकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ हुई बैठक में ईरान पर हमले की वकालत नहीं की, जैसा उन्होंने पहले किया था। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यदि ईरान ने इजरायल पर हमला किया, तो वे किसी 'ग्रीन लाइट' का इंतजार नहीं करेंगे। अधिकारी ने दोनों नेताओं के संबंधों को 'विवाहित जोड़े' जैसा बताया, जो 'एक-दूसरे की बातें पूरी करते हैं'। बैठक में विचारों का आदान-प्रदान हुआ, जिसमें ईरान से उत्पन्न खतरे पर चर्चा प्रमुख रही। इस मुलाक़ात से दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग का संकेत मिलता है। नेतन्याहू ने ईरान के ख़िलाफ़ तत्काल कार्रवाई के लिए सीधा दबाव नहीं डाला, लेकिन भविष्य में आत्मरक्षा के लिए तैयार रहने की बात कही। यह बैठक दोनों नेताओं के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंधों को भी दर्शाती है।