इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के साथ हस्ताक्षरित होने वाले नए सहायता समझौते को अस्वीकार कर दिया है, जिससे इजरायल को मिलने वाली सहायता आधी हो जाएगी। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब इजरायली सेना को भारी नुकसान हो रहा है और कर्मियों की कमी है। इजरायली रक्षा बल (IDF) लगातार युद्धों के कारण गंभीर कर्मियों और बजट संकट का सामना कर रहे हैं। इजरायली मीडिया ने मौजूदा समस्याओं को देखते हुए नेतन्याहू के फैसले को “असमझदार” बताया है। इस कदम से इजरायल की सुरक्षा तैयारियों पर असर पड़ सकता है। नेतन्याहू के इस फैसले ने अमेरिका को भी आश्चर्य में डाल दिया है। यह निर्णय इजरायल की आंतरिक राजनीति में भी बहस का विषय बन गया है।