इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान-अमेरिका समझौते के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ "महत्वपूर्ण संबंध" बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ईरान-इराक युद्ध के दौरान इजरायल के साथ खड़ा था। नेतन्याहू ने लेबनान से अपनी सेना वापस लेने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है, यह कहते हुए कि "संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है"। यह बयान अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत रखने की इच्छा के बावजूद इजरायली रुख में दृढ़ता दर्शाता है। उनका कहना है कि लेबनान में सैन्य उपस्थिति सुरक्षा के लिए आवश्यक है। इस मामले में कोई समझौता करने की संभावना नहीं है। यह बयान क्षेत्रीय तनाव और इजरायल की सुरक्षा चिंताओं के बीच आया है।
