डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिशों के दौरान इजरायल ने बेरुत पर बमबारी की। यह घटना दर्शाती है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की प्राथमिकताएं अमेरिकी प्रशासन से भिन्न थीं। मिडिल ईस्ट संवाददाता मैथ्यू डोरन के अनुसार, ट्रंप जहां कूटनीतिक समाधान की दिशा में बढ़ रहे थे, वहीं नेतन्याहू ने सैन्य कार्रवाई को चुना। इस कदम ने एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक मतभेदों को उजागर कर दिया है। यह हमला उस समय हुआ जब ईरान समझौते को लेकर महत्वपूर्ण घंटे चल रहे थे। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। कुल मिलाकर, यह स्थिति अमेरिका और इजरायल के बीच तालमेल की कमी को प्रदर्शित करती है।