प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लिकुड पार्टी की आगामी उम्मीदवारों की सूची पर अभूतपूर्व नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। वे पार्टी की ओर से आरक्षित सीटों की संख्या 8 से 10 तक बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि अपनी पसंद के उम्मीदवारों को नामांकित कर सकें। इस कदम का पार्टी के भीतर विरोध हो रहा है, क्योंकि कई लोग प्राथमिक चुनावों को बदलकर एक चयन समिति बनाने की योजना का विरोध कर रहे हैं। नेतन्याहू का उद्देश्य पार्टी में अपनी पकड़ मजबूत करना और आगामी चुनावों में अपनी स्थिति को सुरक्षित करना माना जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम पार्टी की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करेगा। इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर गहन चर्चा और खींचतान चल रही है। यह मामला लिकुड पार्टी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
