इजरायली अधिकारियों के अनुसार, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सलाहकार जारेड कुश्नर ने 7 अक्टूबर के हमलों के बाद इजरायली हमलों को जारी रखने को लेकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से असहमति जताई थी। कुश्नर ने गाजा से पुलिस भर्ती सैनिकों को प्रशिक्षण के लिए जाने देने से इनकार करने पर भी नेतन्याहू की आलोचना की थी, क्योंकि हथियारों को सौंपने के लिए उनकी आवश्यकता थी। कुश्नर का मानना था कि गाजा में पुलिस की मौजूदगी हथियारों के हस्तांतरण में बाधा उत्पन्न कर रही है। यह टकराव इजरायल और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण संबंधों का संकेत देता है। इस मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच मतभेद थे, जिससे हथियारों के हस्तांतरण और सुरक्षा संबंधी चिंताओं से निपटने में जटिलताएँ उत्पन्न हुईं। यह घटनाक्रम इजरायली-फिलिस्तीनी संघर्ष में बाहरी हस्तक्षेप और राजनीतिक दबाव को उजागर करता है।