सांसद डेविड बितान ने आज प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की उस प्रस्तावित कार्रवाई के खिलाफ़ याचिका दायर की है, जिसके तहत लिकुद पार्टी में प्राथमिक चुनाव रद्द कर एक समिति के माध्यम से उम्मीदवारों की सूची तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। यह याचिका नेतन्याहू द्वारा पार्टी सूची को अपनी पसंद के अनुसार गठित करने के प्रयासों को चुनौती देती है। बितान का तर्क है कि यह कदम पार्टी के लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उल्लंघन है और सदस्यों की भागीदारी को सीमित करता है। इस अभूतपूर्व कदम से लिकुद पार्टी के भीतर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। याचिका में अदालत से नेतन्याहू की योजना को रोकने और प्राथमिक चुनाव कराने का अनुरोध किया गया है। इस मामले पर कानूनी विशेषज्ञों की नज़र है, क्योंकि इसका पार्टी की आंतरिक राजनीति और भविष्य की चुनावी संभावनाओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। यह घटना नेतन्याहू के नेतृत्व और पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन के बारे में सवाल खड़े करती है।
