प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आज अपनी मानहानि की याचिका में अपनी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दिए गए दावों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि उनके संज्ञानात्मक स्वास्थ्य पर सवाल उठाने का प्रयास निराधार है। नेतन्याहू ने अपने सार्वजनिक भाषणों और कैबिनेट बैठकों में सक्रिय भागीदारी का हवाला दिया, जिससे उनकी स्पष्ट सोच और जागरूकता प्रमाणित होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं। यह मामला नेतन्याहू द्वारा अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपों के खिलाफ दायर की गई मानहानि याचिका का हिस्सा है। अदालत में दिए बयान में, नेतन्याहू ने अपनी मानसिक और शारीरिक स्थिति को लेकर उठाई गई सभी शंकाओं को खारिज किया। इस मामले में आगे की सुनवाई जारी है।
