इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू आगामी चुनावों में दोबारा जीतने के लिए बेताब हैं। वह 7 अक्टूबर को हुई घटना के लिए खुद को राजनीतिक शिकार बता रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी एक भ्रामक साजिश सिद्धांत फैला रही हैं। हालांकि, यह बात स्पष्ट है कि गाजा में आतंकवादी शासन को लगातार धन मुहैया कराने के बावजूद, यह आक्रमण उनके कार्यकाल में ही हुआ। नेतन्याहू, जिन्होंने नीति निर्धारित की और सत्ता के सभी अधिकारों को अपने हाथ में रखा, अब अक्टूबर 7 की घटनाओं की सारी जिम्मेदारी दूसरों पर डालने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटना के लिए उनकी अपनी नीतियों और फंडिंग को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह प्रयास उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है, लेकिन सच्चाई को छुपा नहीं सकता।