नेपाल के टेनिस खिलाड़ी अभिषेक बस्तोला पिछले एक दशक से घरेलू टेनिस में अपना दबदबा बनाए हुए हैं और डेविस कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में भी भाग ले चुके हैं। फिर भी, उन्हें आधिकारिक समर्थन प्राप्त नहीं है और उन्हें अपनी वैश्विक यात्रा के लिए स्वयं ही धन जुटाना पड़ता है। बस्तोला ने स्वीकार किया है कि प्रशासनिक स्तर पर उपेक्षा के कारण उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी है और अपने टेनिस सपने को जीवित रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनका समर्पण और लगन उन्हें एक प्रेरणादायक खिलाड़ी बनाती है। बस्तोला की कहानी नेपाल में खेल के प्रति सरकारी समर्थन की कमी को भी उजागर करती है। यह स्थिति अन्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के भविष्य पर भी सवाल खड़े करती है।

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