नेपाल के प्रधानमंत्री शाह और राष्ट्रपति पौडेल के बीच पिछले चार महीनों में पर्याप्त संवाद नहीं हुआ है। दोनों नेताओं की बातचीत केवल औपचारिक अवसरों तक ही सीमित रही है। महत्वपूर्ण नीतिगत मामलों पर कोई गहन विचार-विमर्श नहीं हुआ है, जिससे राजनीतिक विश्लेषकों में चिंता पैदा हो गई है। यह स्थिति नेपाल की राजनीतिक स्थिरता और शासन पर सवाल खड़े कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से व्यक्तिगत रूप से मिलने का कोई प्रयास नहीं किया है। यह एक असामान्य स्थिति मानी जा रही है, क्योंकि परंपरा के अनुसार, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति नियमित रूप से महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करते हैं। इस दूरी से दोनों संस्थानों के बीच समन्वय में कमी आने की आशंका है।

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