जुमला जिले में अधिकारियों ने उच्च गुणवत्ता वाले सेबों की प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। वे समय से पहले तोड़े गए और कच्चे सेबों को बाजार में आने से रोकने के लिए जाँच बढ़ा रहे हैं। कृषि तकनीशियन सेबों में चीनी के स्तर को मापने के लिए रिफ्रेक्टोमीटर का उपयोग कर रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल पके हुए सेब ही बेचे जाएं। कटाई और निर्यात नियमों को भी कड़ा किया गया है। इस पहल का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतरीन गुणवत्ता के सेब उपलब्ध कराना है और जिले के सेब उत्पादकों की आय को सुरक्षित रखना है। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से सेब की गुणवत्ता में सुधार होगा और खरीदारों का विश्वास बढ़ेगा।