विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने तुवालु में COP पूर्व-सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने हिमालयी और प्रशांत द्वीप देशों के साझा जलवायु जोखिमों पर प्रकाश डाला। मंत्री खनाल ने जलवायु वित्त, अनुकूलन और नुकसान एवं क्षति पर मजबूत सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से छोटे द्वीप विकासशील राज्यों और हिमालयी क्षेत्र की भेद्यता पर जोर दिया। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए विकसित देशों से अधिक समर्थन की आवश्यकता बताई गई। इस सम्मेलन में, जलवायु वित्तपोषण के नए तंत्रों पर चर्चा की गई ताकि कमजोर देशों को सहायता मिल सके। मंत्री खनाल ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया।