नेपाल के बैंकों में ऋण की मात्रा में वृद्धि हो रही है, लेकिन उनके पास अत्यधिक नकदी भी जमा है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि आयात लागत में वृद्धि, त्योहारों की मांग और मुद्रा का अवमूल्यन इस वृद्धि के मुख्य कारण हैं, न कि व्यापक आर्थिक सुधार। यह वृद्धि किसी मजबूत आर्थिक गतिविधि का संकेत नहीं है। स्थिति यह दर्शाती है कि बाजार में धन की उपलब्धता अधिक है, लेकिन निवेश के अवसर सीमित हैं। बैंकों के पास जमा धन का प्रभावी ढंग से उपयोग करने की चुनौती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति नेपाल की अर्थव्यवस्था के लिए मिश्रित संकेत है, क्योंकि यह तरलता की अधिकता और वास्तविक आर्थिक विकास के अभाव को उजागर करती है।