प्रधानमंत्री शाह और आरएसपी प्रमुख लामिछाने राजदूतों के नामों पर सहमत नहीं हो पा रहे हैं, जिसके कारण राजदूत नियुक्तियों में देरी हो रही है। कई देशों में महीनों से दूतावास प्रमुखों के पद खाली पड़े हैं। यह गतिरोध दोनों नेताओं के बीच सहमति बनाने में विफलता को दर्शाता है। इस देरी से देश के विदेशी संबंधों पर असर पड़ सकता है। सरकार जल्द ही इस मुद्दे को हल करने और रिक्त पदों को भरने का प्रयास कर रही है। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि नामों पर अंतिम सहमति आने में कुछ समय लग सकता है। यह स्थिति राजनयिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में बाधा उत्पन्न कर रही है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文