काप्तांगंज में 26 जुलाई को हुई झड़पों में पुलिस की गोलीबारी से घायल हुए 21 वर्षीय छात्र की काठमांडू में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। यह घटना सुनसरी जिले में हुई थी, जिसके बाद यह तीसरा हताहत है। मृतक कोरिया में पढ़ाई करने का सपना देख रहा था, जो अब अधूरा रह गया। पुलिस ने झड़पों के दौरान कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई, जिसके परिणामस्वरूप यह त्रासदी हुई। यह घटना स्थानीय लोगों में आक्रोश का कारण बनी है और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं। परिवार और दोस्तों का कहना है कि छात्र एक प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी व्यक्ति थे। इस दुखद घटना से एक युवा जीवन और एक उज्ज्वल भविष्य का अंत हो गया है।