नेपाल की सेना और बाद में ब्रिटेन के विशेष बलों में सेवा करने वाले प्रसिद्ध पर्वतारोही, जिन्होंने “14 शिखर” नाम से ख्याति प्राप्त की, पाकिस्तान में एक हिमस्खलन में दुखद रूप से逝世 हो गए। यह घटना पर्वतारोहण जगत के लिए एक बड़ा झटका है। वह अपनी असाधारण उपलब्धि के लिए जाने जाते थे, जिसमें दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ना शामिल था। उनकी बहादुरी और समर्पण ने अनेक लोगों को प्रेरित किया। यह त्रासदी पर्वतारोहण के खतरों की याद दिलाती है। उनकी मृत्यु से पर्वतारोहण समुदाय शोक में है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। उनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी।