ललितपुर जिले के कोन्ज्योसोम क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुँच गई है। यहाँ के साठ प्रतिशत पेयजल नमूनों में फेकल कोलीफॉर्म पाया गया है, जो जल प्रदूषण का संकेत है। सूखे जैसे हालात के कारण जल स्रोतों में शुद्ध पानी की कमी हो रही है, जिससे दूषित पानी पीने को मजबूर लोग बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और लोगों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी जा रही है। जल विभाग द्वारा शुद्धिकरण के प्रयास जारी हैं, लेकिन समस्या की गंभीरता को देखते हुए तत्काल और व्यापक कदम उठाने की आवश्यकता है। इस स्थिति से डायरिया और अन्य जलजनित रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र में जल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने का संकेत दिया है।
