नेपाल सरकार ने बाढ़ से प्रभावित जिलों से बरामद 675 पीड़ितों में से अज्ञात शवों के प्रबंधन से पहले डीएनए और अन्य पहचान संबंधी साक्ष्य संरक्षित करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने यह घोषणा की है, जिसका उद्देश्य पीड़ितों की पहचान सुनिश्चित करना है। इस प्रक्रिया में डीएनए नमूनों को सुरक्षित रखा जाएगा ताकि भविष्य में परिवारों द्वारा पहचान की जा सके। सरकार की यह पहल मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है और शोक संतप्त परिवारों कोClosure प्रदान करने में मदद करेगी। बाढ़ के कारण हुई मौतों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए यह कदम महत्वपूर्ण है। डीएनए परीक्षण से पीड़ितों की सही पहचान स्थापित करने और उनके परिवारों को अंतिम संस्कार में मदद मिलेगी। सरकार राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ पीड़ितों की पहचान की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दे रही है।